श्रीनगर गढ़वाल।
हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर में विधिक सेवा एवं सहायता केंद्र का उद्घाटन शुक्रवार 13 फरवरी 2026 को किया गया। अब छात्र-छात्राओं को कानूनी अधिकारों और सहायता के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। केंद्र छात्र क्रियाकलाप केंद्र के द्वितीय तल पर स्थापित किया गया है। विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित यह केंद्र छात्रों को निःशुल्क परामर्श, लोक अदालत, मध्यस्थता और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराएगा।

उद्घाटन सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) कु. अलका ने सुबह 11 बजे किया। यह केंद्र विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देश और जिला जज/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल के आदेश पर स्थापित हुआ है।उद्घाटन के बाद सीनेट हॉल में आयोजित जागरूकता सत्र में कु. अलका ने छात्रों को कानूनी अधिकारों, विधिक सहायता प्रणालियों और संवैधानिक कर्तव्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य हर वर्ग तक न्याय पहुंचाना है, खासकर उन लोगों तक जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से न्याय प्राप्त नहीं कर पाते। उन्होंने छात्रों से कहा कि अधिकारों के साथ कर्तव्यों की जानकारी भी उतनी ही जरूरी है।
बार एसोसिएशन ने दिया सहयोग का आश्वासन
कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमेश चंद्र जोशी ने कहा कि विश्वविद्यालय में विधिक सेवा केंद्र की स्थापना युवाओं को समय रहते कानून की जानकारी देने का अच्छा कदम है। इससे समाज में अपराध और अन्याय की घटनाओं में कमी आएगी। बार एसोसिएशन इस पहल में पूरा सहयोग देगा।
बार एसोसिएशन के संरक्षक अनूप पांथरी ने कहा कि न्याय व्यवस्था सिर्फ अदालतों तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूक नागरिक ही इसकी असली ताकत हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और जरूरतमंदों को विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी दें।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमेश चंद्र जोशी, संरक्षक अनूप श्री पांथरी, सहायक अभियोजन अधिकारी अपर्णा अवस्थी, प्रो. ओ.पी. गुसाईं, चीफ प्रॉक्टर दीपक कुमार, पीएलवी पूनम हटवाल, प्रियंका रॉय, रोशनी देवी, प्रीति बिष्ट और न्यायालय कर्मचारी आनंद प्रसाद भारती समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
