श्रीनगर गढ़वाल।
श्रीनगर के प्रतिष्ठित वरिष्ठ पत्रकार मनोज उनियाल के आकस्मिक निधन पर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन सिंह भंडारी और बार एसोसिएशन श्रीनगर के संरक्षक अनूप श्री पांथरी सहित कानूनी बिरादरी ने उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। वक्ताओं ने इसे पत्रकारिता जगत के साथ-साथ समाज के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति बताया है, जिसकी भरपाई करना निकट भविष्य में असंभव है।
वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप श्री पांथरी ने स्वर्गीय उनियाल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वह सहज, सुलभ और मिलनसार स्वभाव के धनी थे। लंबे समय तक पत्रकारिता में सक्रिय रहते हुए उन्होंने सदैव निष्पक्ष, निर्भीक और संवेदनशील लेखनी का परिचय दिया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रखरता से उठाया और समाज को जागरूक करने में मार्गदर्शक की भूमिका निभाई। उनकी सादगी, कर्मठता और पेशे के प्रति अटूट समर्पण उन्हें भीड़ से अलग एक विशिष्ट पहचान दिलाता था। श्रीनगर के सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
बार काउंसिल सदस्य अर्जुन सिंह भंडारी ने कहा कि मनोज उनियाल ने पत्रकारिता के क्षेत्र में ईमानदारी और मेहनत का जो प्रतिमान स्थापित किया, वह आने वाली पीढ़ी के लिए अनुकरणीय है। उनका संपूर्ण जीवन समाज सेवा और मानवता की भावना को समर्पित रहा। बार एसोसिएशन श्रीनगर ने सामूहिक रूप से उनके निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।
शोक व्यक्त करने वालों में संरक्षक अनूप श्री पांथरी, अध्यक्ष प्रमेश चंद्र जोशी, कृष्णानंद मैठाणी, पूर्व अध्यक्ष दीपक भंडारी, कोषाध्यक्ष सुबोध भट्ट, पूर्व सह सचिव प्रदीप मैठाणी, सचिव ब्रह्मानंद भट्ट, पूर्व उपाध्यक्ष विवेक जोशी, पूर्व महासचिव विकास पंत, परमानंद मेठाणी, सह सचिव देवी प्रसाद खरे, सुनीता भंडारी, सुरेंद्र प्रसाद शुक्ला, ओम प्रकाश मैठाणी, बलबीर सिंह रौतेला, राजेश जैन, रतन सिंह बिष्ट, नितेश, भारती और गौरव उपाध्याय समेत कई अधिवक्ता शामिल रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
