श्रीनगर (गढ़वाल)।
श्रीनगर शहर को सुव्यवस्थित और अतिक्रमणमुक्त बनाने की दिशा में नगर निगम ने कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। नगर निगम कार्यालय में मेयर आरती भंडारी की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक मार्गों पर बढ़ते दबाव को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों के लिए सुगम आवागमन सुनिश्चित करना और बाजार क्षेत्र में होने वाली अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करना रहा।

नगर निगम प्रशासन ने व्यापारियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कोई भी दुकानदार अपनी दुकान की सीमा के बाहर अधिकतम 2.5 फीट से अधिक सामान नहीं रख सकेगा। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार के पक्के निर्माण को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। सब्जी विक्रेताओं के लिए भी नए नियम तय किए गए हैं, जिसके तहत उन्हें नाली से 2.5 फीट की दूरी बनाए रखनी होगी। यह सुनिश्चित किया गया है कि ग्राहक सामान खरीदने के लिए दुकान के भीतर प्रवेश करें, ताकि मुख्य सड़क पर पैदल चलने वालों को बाधा न पहुंचे। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध तत्काल चालानी कार्रवाई की जाएगी।

रेहड़ी-पटरी संचालकों के प्रति भी निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। मेयर ने स्पष्ट किया कि ठेली-रेहड़ी संचालक केवल अपने लाइसेंस में आवंटित स्थान पर ही व्यापार कर सकेंगे। यदि कोई संचालक निर्धारित स्थल के अतिरिक्त कहीं और अतिक्रमण करता पाया गया, तो उसका लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों को डांग रोड से तत्काल अतिक्रमण हटाने और नियमित निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
मेयर आरती भंडारी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि निगम का उद्देश्य व्यापारियों को परेशान करना नहीं, बल्कि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाना है। उन्होंने सभी हितधारकों से सहयोग की अपील करते हुए चेतावनी दी कि जनहित में नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी, व्यापार सभा अध्यक्ष दिनेश असवाल सहित देवेंद्र मणि मिश्रा, रमेश रमोला और अन्य पार्षद व अधिकारी उपस्थित रहे।
