तीन साल में 66 ट्रैप, 72 हिरासत में
देहरादून:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग छेड़ दी है। 1064 हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड के लिए हर विभाग को कमर कसनी होगी। जहां शिकायतें ज्यादा आ रही हैं, वहां तुरंत समाधान निकाला जाए। साथ ही, एक ही जगह लंबे समय से जमे अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला समय-समय पर हो। 1064 हेल्पलाइन को और मजबूत करने के लिए सभी विभाग विजिलेंस का साथ दें। अब इस हेल्पलाइन की समीक्षा सीएम हेल्पलाइन 1905 के साथ होगी।

शिकायतकर्ता की गोपनीयता बरकरार, मिलेगा प्रोत्साहन
सीएम ने सख्त निर्देश दिए कि भ्रष्टाचार की शिकायत पर गहन जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। शिकायतकर्ता का नाम-पता गोपनीय रखा जाए। अगर शिकायत सही निकली तो उसे प्रोत्साहन भी दिया जाए। उन्होंने कहा कि हर विभाग में नोडल अधिकारी बनें और उन्हें ट्रेनिंग दी जाए, ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगे। विजिलेंस को सभी विभागों का सहयोग मिलना चाहिए।
तीन साल में बड़ी कार्रवाई
बैठक में खुलासा हुआ कि पिछले तीन साल में 66 लोग ट्रैप किए गए और 72 भ्रष्टाचारी हिरासत में लिए गए। सबसे ज्यादा मामले राजस्व, पुलिस और विद्युत विभाग से सामने आए। 2025 में अब तक टोलफ्री नंबर 1064 और वेबसाइट पर 343 शिकायतें मिलीं, जिन पर कार्रवाई चल रही है। रिवॉल्विंग फंड के तहत ट्रैप में दी गई रकम शिकायतकर्ताओं को लौटाने की शुरुआत हो गई है। अभी 33 लोगों को यह राशि वापस करने की प्रक्रिया चल रही है।
बड़े चेहरे रहे मौजूद
बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनई, आर. मीनाक्षी सुंदरम, निदेशक सतर्कता वी. मुरूगेशन, कई सचिव, विभागाध्यक्ष और वर्चुअल तरीके से जिलाधिकारी शामिल हुए।
धामी सरकार का यह अभियान भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ने की तैयारी दिखा रहा है। अब देखना है कि हेल्पलाइन कितनी असरदार साबित होती है।