देहरादून।
गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) ने अपने स्थापना के मूल उद्देश्य को साकार करते हुए आज 50वें साल में कदम रखा है। निगम का गठन जटिलताओं को दूर करने, समानता आधारित प्रदेश तीर्थाटन, मार्केटिंग, औद्योगीकरण और निर्माण के लिए स्वतंत्र ढांचा तैयार करने की जिम्मेदारी इस निगम को दी गई थी। सरकार के उपक्रम के तौर पर यह निगम प्रबंध निदेशक के नेतृत्व में संचालित होता है, जो अपने संसाधनों को बढ़ाते हुए प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है और स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से मजबूती प्रदान करता है।

लाभ-हानि की स्थिति में अपनी गतिविधियों में सुधार लाते हुए यह निगम जल, जंगल, जमीन सहित सभी हक-हकूक और स्थानीय खेती की पैदावार को खरीदकर लोगों की आर्थिक मदद करता है। 1976 से लेकर आज तक निगम के इतिहास पर नजर डालें तो कई प्रतिष्ठित आईएएस अधिकारियों ने अपनी सेवाएं देकर इसकी मजबूत नींव रखी। आपदाओं के बावजूद, जब पर्यटन बाजार ठप रहा, निगम ने अपनी साख को मजबूत किया। यात्रा संचालन हो या कोरोना काल, निगम ने पर्यटकों को करोड़ों रुपये की शत-प्रतिशत धनराशि रिफंड कर कीर्तिमान स्थापित किया और अपनी सेवाओं को पहले से बेहतर बनाया।
निगम ने संस्कृति, सभ्यता और खेलकूद में भी अग्रणी भूमिका निभाई। मुनि की रेती में रामलीला का सफल मंचन, नरेंद्र सिंह नेगी ‘गढ़ रत्न’ सहित लोकगायकों को मंच देकर संस्कृति, खानपान और वेशभूषा से देश-विदेश को परिचित कराया और सत्य सनातन का प्रचार-प्रसार किया। दिग्गजों का नेतृत्व, मजबूत इतिहास निगम के प्रबंध निदेशकों में एच.सी. डबराल (प्रथम), बी.बी. झलड़ियाल, रीता सिन्हा (IAS), एस.सी. बहुखंडी, रजत कुमार, आलोक सिन्हा (IAS), प्रताप सिंह राजा राम, जी. पटनायक, दीपक सिंघल, एस.पी. सिंह, जे.पी. शर्मा, आर.के. सिंह, राजीव गुप्ता, अनूप पांडे, राकेश बहादुर, वी.एम. मधवाल (IAS), एच.सी. जोशी, आर.के. वर्मा, उमाकांत पंवार, उत्पल कुमार सिंह (IAS), ए.एस. नबियाल, अमित कुमार घोष (IAS), अनिल कुमार शर्मा, विनोद कुमार पाठक (IAS), कुँवर राजकुमार (तीन बार) जैसे नाम शामिल हैं। वर्तमान में युवा IAS विशाल मिश्रा ने 19 दिसंबर 2024 को पद संभाला और अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव को सफल बनाकर स्थानीय लोगों से सराहना बटोरी।
चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों पर
विशाल मिश्रा के नेतृत्व में निगम 30 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को सुगम बनाने में जुटा है। यमुनोत्री-गंगोत्री के कपाट 30 अप्रैल, केदारनाथ 2 मई और बद्रीनाथ 4 मई 2025 को खुलेंगे। निगम आवास गृहों में सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है।
संस्कृति और विकास का संरक्षक उत्तराखंड का इतिहास जितना समृद्ध है, उतना ही गढ़वाल मंडल विकास निगम का योगदान गौरवशाली है। तीर्थाटन, संस्कृति, मार्केटिंग और युवाओं को पलायन से रोकने में निगम रीढ़ की हड्डी बना हुआ है। आज स्थापना दिवस पर गोल्डन जुबली मना रहे निगम के 50वें प्रबंध निदेशक विशाल मिश्रा पर्यटन, योग, मेडिकल और साहसिक गतिविधियों के जरिए आर्थिक उन्नति और रोजगार सृजन पर जोर दे रहे हैं।
1973 में पर्वतीय विकास मंच के गठन से शुरू हुआ सफर 1976 में जीएमवीएन के रूप में परिणत हुआ। हेमवती नंदन बहुगुणा के प्रयासों से गढ़वाल और कुमाऊं के विकास को नई दिशा मिली। चारधाम यात्रा का संचालन हो या आपदाओं में संभावनाएं तलाशना, निगम ने हर चुनौती को अवसर में बदला।
स्वर्णिम जुबली का जश्न
50 साल का यह सफर गर्व का विषय है। निगम ने उत्तराखंड की सनातन संस्कृति की ध्वजा को बुलंद रखा और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। स्थापना दिवस पर samay hastakshar की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं!