फर्जीवाड़े में फंसी शमी की बहन (Photo: Instagram)
टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इन दिनों IPL 2025 में खेलने में व्यस्त हैं. लेकिन, उधर उनकी बहन और जीजाजी धोखाधड़ी में फंस गए हैं. दोनों का नाम फर्जीवाड़े में सामने आया है. बहन और बहनोई के अलावा शमी के कुछ और रिश्तेदार समेत कुल 18 लोग धोखाधडी में शामिल पाए गए हैं. जांच में ये सभी MNREGA के तहत अवैध तरीके से पैसा उठाने के मामले में आरोपी हैं.
जांच में हुआ धांधली का पर्दाफाश
बुधवार यानी 2 अप्रैल को जिले की DM निधी गुप्ता वत्स ने बताया कि शुरुआती छानबीन में पाया गया है कि MNREGA में पैसों के वितरण को लेकर धांधली हुई है. जो वर्कर इसमें दोषी पाए गए हैं, उन्हें सस्पेंड करने का ऑर्डर जारी कर दिया गया है. साथ ही पंचायती राज एक्ट के तहत उनके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट भी लिखा दी गई है.
शमी की बहन और जीजाजी समेत 18 लोग फंसे
DM के मुताबिक लोकल अधिकारियों की ओर से की गई मामले की छानबीन में कुल 18 ऐसे लोगों के नाम सामने आए हैं, जो बिना काम किए ही MNREGA भत्ते से पैसा उठा रहे थे. उन 18 लोगों में मोहम्मद शमी की बड़ी बहन शबीना के अलावा उनके पति गजनवी, शबीना के 3 ब्रदर इन ला, जिनके नाम आमिर सुहैल, नसीरुद्दीन और शेखू हैं, वो शामिल थे. DM ने आगे कहा कि इसमें ग्राम प्रधान गुले आयशा के बेटी और बेटों के भी नाम हैं.
ये भी पढ़ें
3 साल से बिना काम के उठा रहे थे पैसे
ग्राम प्रधान होने के अलावा गुले आयशा मोहम्मद शमी की बहन की सास भी हैं. वही इस पूरे स्कैंडल मास्टर माइंड भी हैं. अधिकारियों ने बताया कि जिन 18 लोगों के नाम फर्जीवाड़े में पाए गए, उनके MNREGA जॉब कार्ड जनवरी 2021 में बनकर तैयार हुए थे. उन सबके बैंक खाते में अगस्त 2024-25 तक पैसे गए हैं, जबकि उन्होंने एक भी दिन काम भी नहीं किया.
DM ने ग्राम प्रधान के अकाउंट को सील करने के और पैसे की उगाही के निर्देश दिए हैं. MNREGA में धांधली को लेकर कई सारी मीडिया रिपोर्ट्स सामने आई थी, जिसके बाद जांच की गई. ग्राम प्रधान के अलावा विलेज डेवलपमेंट ऑफिसर और असिस्टेंट प्रोग्राम ऑफिसर पर भी तलवान तनी हैं. वो भी जांच के दायरे में हैं.