रुद्रप्रयाग :
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में नमामि गंगे इकाई ने “गंगा स्वच्छता पखवाड़ा” के तहत धूम मचाई। गंगा की स्वच्छता और संरक्षण पर संगोष्ठी हुई, फिर मंदाकिनी नदी के तट पर भव्य गंगा आरती ने सबका मन मोह लिया। इस मौके पर प्राचार्य प्रो. के.सी. दुतपुडी ने कहा कि नदियों को साफ रखना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। इसके लिए हमें अपनी रोजमर्रा की आदतों में बदलाव लाना होगा।

गंगा को बचाने का संकल्प
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. दलीप बिष्ट ने जोश भरे अंदाज में कहा कि गंगा की धारा को निर्मल और अविरल रखने के लिए सरकार-प्रशासन के साथ-साथ हर शख्स को आगे आना होगा। डॉ. हरिओम शरण बहुगुणा ने जल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इसके संरक्षण के लिए हर मुमकिन कोशिश जरूरी है। वहीं, डॉ. कमलापति चमोली ने गंगा को सिर्फ नदी नहीं, बल्कि लाखों लोगों की जिंदगी का आधार बताया। उन्होंने कहा कि इसके लिए सामूहिक जुटान ही रास्ता है।
सामाजिक-धार्मिक महत्व पर चर्चा
डॉ. सतीश तिवारी ने गंगा के सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक पहलुओं को बखूबी बयां किया। उन्होंने कहा कि गंगा हमारी संस्कृति और आजीविका का अभिन्न हिस्सा है। संगोष्ठी में नमामि गंगे की नोडल अधिकारी डॉ. ममता भट्ट ने कार्यक्रम को कामयाब बनाने के लिए सबका शुक्रिया अदा किया। इसके बाद शाम को मंदाकिनी नदी के किनारे गंगा आरती का आयोजन हुआ, जिसमें हर किसी की आंखें नम और दिल भक्ति से भरा नजर आया।
सबने मिलकर लिया हिस्सा
इस खास मौके पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं शामिल रहे। हर कोई गंगा की स्वच्छता का संदेश लेकर आगे बढ़ा। यह आयोजन न सिर्फ जागरूकता का जरिया बना, बल्कि गंगा के प्रति सम्मान को भी बढ़ावा दे गया।
गंगा स्वच्छता पखवाड़ा एक बार फिर हमें याद दिला गया कि नदियों का सम्मान हमारा फर्ज है। अब देखना यह है कि यह संकल्प कितना रंग लाता है।