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Parliament: साइबर अपराध पोर्टल ने 3431 करोड़ रुपये बचाए; सीवर टैंक की सफाई को लेकर संसद में दी गई अहम जानकारी

केंद्र सरकार ने लोकसभा को बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल ने 9.94 लाख शिकायतों के समाधान के माध्यम से 3431 करोड़ रुपये से अधिक की बचत करने में मदद की है।केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई का काम जाति नहीं बल्कि व्यवसाय आधारित गतिविधि है जबकि

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने लोकसभा को जानकारी दी है कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल ने 9.94 लाख शिकायतों के समाधान से 3,431 करोड़ रुपये से अधिक की बचत करने में मदद की है। यह पोर्टल साइबर अपराधों की शिकायतों को संबंधित राज्य स्तरीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आगे की कार्रवाई के लिए भेजता है।
साइबर अपराध रिपोर्टिंग:
‘साइबरक्राइम डॉट जीओवी डॉट इन’ पोर्टल का मुख्य उद्देश्य वित्तीय धोखाधड़ी की त्वरित रिपोर्टिंग और धोखेबाजों द्वारा धन की हेराफेरी को रोकना है। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने इसकी प्रभावशीलता की जानकारी दी है। गृह मंत्रालय ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 के प्रचार के लिए सलाह जारी की है।
लोकपाल की शिकायतें:
लोकपाल ने चालू वित्त वर्ष में 210 शिकायतें दर्ज की हैं, जिनमें से 158 का निपटारा कर दिया गया है। कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी दी।
सेप्टिक टैंक और सीवर सफाई:
केंद्र ने स्पष्ट किया है कि सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई का काम व्यवसाय आधारित है न कि जाति आधारित, हालांकि 90 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी SC, ST या OBC श्रेणियों से हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने यह बताया।
लेटरल एंट्री:
सरकारी विभागों में लेटरल एंट्री के माध्यम से 51 विशेषज्ञ कार्यरत हैं। जितेंद्र सिंह ने बताया कि 2018 से अब तक 63 नियुक्तियां हो चुकी हैं।
इथेनॉल परियोजनाएं:
बिहार में 47 इथेनॉल परियोजनाओं को बैंक ऋण पर ब्याज सब्सिडी के लिए मंजूरी दी गई है। खाद्य राज्य मंत्री निमुबेन जयतिभाई बंभानिया ने यह जानकारी दी।
चीनी मिलों का भुगतान:
चीनी मिलों ने 2024-25 के चालू सीजन के पहले 70 दिनों में गन्ना किसानों को 8,126 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि 3,015 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं।
रेल दुर्घटनाएं:
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि किसान एक्सप्रेस और मगध एक्सप्रेस की कपलिंग टूटने की घटनाएं कपलर में जंग लगने के कारण हुईं। रेलवे ने इस समस्या को सुलझाने के लिए उपाय किए हैं।
ट्रैकमैन की सुरक्षा:
रेलवे ने ट्रैक मैन को सुरक्षा उपकरण जैसे सुरक्षा जैकेट, जूते, दस्ताने, हेलमेट, टार्च आदि उपलब्ध कराए हैं।
(इनपुट: पीटीआई)

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